Thursday, April 22, 2021
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छोटे से गांव में रहने वाली इस महिला ने प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए छोड़ी 9 सरकारी नौकरियां

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देश भर में लोग जहां सरकारी नौकरी करने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं, वहीं दूसरी ओर एक महिला की किस्मत इतनी बुलंद है कि उसने 9 सरकारी नौकरियों को छोडक़र कुछ बड़ा हासिल करने का जज्बा दिखाया है। राजस्थान के सीकर क्षेत्र के एक छोटे से गांव में रहने वाली प्रोमिला नेहरा ने पांच साल के भीतर ही 9 सरकारी नौकरियों को छोड़ा है। उनकी इस सफलता पर शायद ही लोग विश्वास करें, मगर यह हकीकत है।

प्रोमिला ने इन विभागों की परीक्षा की पास

प्रोमिला ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 9 वीं रैंक हासिल की है। जबकि इससे पहले वह राज्य में पटवारी से लेकर ग्राम सेवक, महिला पर्यवेक्षक, पुलिस कांस्टेबल, एलडीसी सहित कई और सरकारी नौकरियों की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। इन सब में उन्हें सरकारी नौकरी के लिए सफलता हासिल हो चुकी थी। मगर उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर बड़ा पद पाने का हौंसला दिखाया है, इसलिए वह अब तक पांच साल के भीतर 1 , 2 नहीं बल्कि 9 सरकारी नौकरियों के लिए दी गई परीक्षाओं को पास कर चुकी हैं। मगर उन्होंने किसी भी नौकरी को करना स्वीकार नहीं किया। प्रोमिला एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता रामकुमार और मां मनकोरी देवी ने कभी भी अपनी बेटी का हौंसला कम नहीं होने दिया। प्रोमिला ने जब भी कोई निर्णय लिया, माता पिता ने उनका पूरा साथ दिया।

3 किलोमीटर तक पैदल जाकर की शिक्षा हासिल

प्रोमिला ने पांच साल में करीब नौ परीक्षा प्रतियोगिता पास की। मगर इसके लिए उन्हें खूब संघर्ष भी करना पड़ा है। अपने गांव से तीन किलोमीटर पैदल चलकर उन्हें शिक्षा हासिल की है। गांव के लिए आने जाने का कोई भी साधन नहीं है। इसके बावजूद प्रोमिला ने जहां 9 सरकारी नौकरी छोड़ी हैं, वहीं प्रशासनिक सेवा में जाने का भी हौंसला दिखाया है।

पुलिस कांस्टेबल के साथ हुआ है विवाह

प्रोमिला का विवाह बोदलासी गांव के रहने वाले राजेंद्र रणवां के साथ हुआ है, जोकि दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। उनके शिक्षा ग्रहण करने के अभियान में सास ससुर व पति ने भी पूरा साथ दिया है। राज्य प्रशासनिक सेवा आरएएस की प्री परीक्षा पास कर चुकी हैं, इसमें वह नौवीं रैंक लाकर उतीर्ण हुई हैं। फिलहाल प्रोमिला हर हाल में राज्य प्रशासनिक सेवा में चुने जाने को लेकर तैयारी कर रही हैं। प्री परीक्षा क्लीयर करने के बाद प्रोमिला इन दिनों मुख्य परीक्षा पास करने की तैयारी में लगी हुई हैं। उनका लक्ष्य प्रदेश की इस सबसे बड़ी सेवा में जाने के लिए टॉप रैंक लाना है। वह इस सेवा में जाकर समाज के लिए कुछ बड़े काम करने की इच्छुक हैं। प्रोमिला की अंग्रेजी विषय में भी अच्छी पकड़ है।

प्रेरणादायक है प्रोमिला की कहानी

प्रोमिला की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जोकि छोटी सी असफलता से ही घबराकर बैठ जाते हैं। लेकिन प्रोमिला ने अपने हौंसले व परिश्रम से यह साबित कर दिखाया है कि यदि किसी में कुछ कर गुजरने की इच्छा तो उसके लिए कोई मंजिल दूर नहीं है। अपनी दृढ इच्छाशक्ति के बल पर किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।

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