Friday, January 22, 2021
- Advertisement -

दो सहेलियां नौकरी छोड़ करने लगी फूलों की खेती, लाखों रुपये की होती है कमाई

Must Read

एक महीने का बच्चा भूख से था बेहाल, रेलवे अधिकारी खुद लेकर पहुंचे दूध, मां ने कहा धन्यवाद

कई बार सोशल मीडिया व इंटरनेट इंसान को बड़ी से बड़ी मुश्किल से बचा लेता है। एक महिला के...

12 वीं की परीक्षा में देश भर में टॉप करने वाली दिव्यांगी त्रिपाठी गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी के साथ देखेगी परेड

गोरखपुर की इस बच्ची ने पहले देश में अपनी परीक्षा के दम पर इतिहास रचा था। एक बार फिर...

पिता के रूतबे को लेकर बैकडोर एंट्री पर स्पीकर ओम बिरला की IAS बेटी अंजलि ने ट्रोलर को दिया ये जवाब

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उनकी आईएएस बेटी अंजलि बिरला यूपीएससी परीक्षा में पास होने को लेकर खासी सुर्खियों...

New Delhi: पढ़-लिखकर सबका सपना होता है कि अच्छी सी नौकरी करेंगे। कुछ ऐसा ही सपना था 23 साल की शिवानी माहेश्वरी व 25 साल की वामिका बेहती की। शिवानी ने जहां एमबीए किया तो उनकी दोस्त ने चार्टड अकाउंटेंट की पढ़ाई की। सबकुछ ठीक था, लेकिन एक दिन दोनों दोस्त मिले, और फैसला किया कि नौकरी करने की बजाय खुद का कुछ करते हैं,और यहीं से दोनों ने मिलकर फूलों की खेती करने का सोचा। आज दोनों इस खेती से लाखों रुपये कमा रही हैं। चलिए जानते हैं इनके बारे में

यहां की रहने वाली दोनों दोस्त
23 सालकी शिवानी माहेश्वरी जयपुर की रहने वाली हैं. वहीं उनकी दोस्त 25 साल की वामिका बेहती दिल्ली की रहने वाली हैं। इन दोनों ने स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद अपने प्रोफेशन के हिसाब से करियर चुना है। इन दोनों ने हरियाणा में फूलों की खेती करनी शुरु की है।

ऐसे आया था खेती करने का ख्याल
शिवानी बताती हैं कि उन्हें खुद का कुछ करना था। साल 2015 में उन्होंने निश्चय किया कि वह फूलों की खेती करेंगी। वह बताती हैं कि जब वह दिल्ली जा रही थी तो उन्हें एक पॉलीहाउस फार्मिंग नेट देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने फार्मिंग नेट की कुछ तस्वीरें ली। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से फूलों की खेती के बारे में जानकाारियां जुटाई।

वामिका की जमीन पर खुला फॉर्म
शिवानी बताती हैं कि एक दिन उनकी मुलाकात वामिका से हुई और उन्होंने उसे फूलों की खेती के बारे में बताया। जिस पर वामिका ने भी अपनी सहमति दी। इसके बाद वामिका की खाली जमीन पर फॉर्म खोला गया। इस फॉर्म हाउस का नाम है यूनिस्टार एग्रो। इस फॉर्म में गुलाब, रजनीगंधा , पुष्प सहित दर्जनों फूलों की प्रजाति मिल रही है।

बिजनेसमैन पति का साथ भी मिला
वामिका के पति जो कि पेशे से बिजनेसमैन हैं, उन्होंने काफी मदद की है। वामिका खेती के माध्यम से किसानों को जोडक़र उन्हें ऑर्गेनिक खेती केे बारे में बताती हैं। बताते चले कि इन्हें हरियाणा सरकार से भी सहयोग मिला है। दोनों सहेलियां कहती हैं कि वह हरियाणा ही नहीं बल्कि विदेशों तक अपने फूलों की खुशबू को पहुंचाना चाहती हैं।

- Advertisement -

Latest News

एक महीने का बच्चा भूख से था बेहाल, रेलवे अधिकारी खुद लेकर पहुंचे दूध, मां ने कहा धन्यवाद

कई बार सोशल मीडिया व इंटरनेट इंसान को बड़ी से बड़ी मुश्किल से बचा लेता है। एक महिला के...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -