Friday, April 23, 2021
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पढ़ाई के साथ-साथ करते थे दुकान पर काम, आज कठिन संघर्ष के बाद बन चुके हैं IAS अफसर

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समस्याएँ हर किसी के जीवन में आती हैं, बस फर्क इतना होता है कि कोई इन समस्याओं के सामने अपने घुटने टेक देता है और कोई इन समस्याओं का डटकर मुकाबला करता है| आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने लाख समस्याओं और असफलताओं के बावजूद भी हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत कर सफलता को हासिल किया| बहुत ही प्रेरणादायी कहानी है शुभम गुप्ता की|

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आइए जानते हैं शुभम गुप्ता के बारे में

शुभम गुप्ता एक ऐसा नाम जो आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुका है| बता दें कि शुभम गुप्ता एक IAS अफसर हैं, इसी के साथ-साथ वह UPSC टॉपर भी हैं| लेकिन शुभम के लिए इस मुकाम तक पहुँचने का सफर काँटों भरा था| शुभम ने इस मुकाम तक पहुँचने के लिए कड़ी मेहनत और कठिन संघर्ष किया है| शुभम ने IAS बनकर न सिर्फ देश के लिए समर्पण किया है अपितु अपने पिता का सपना भी पूरा किया है|

करना पड़ा था असफलताओं का सामना, लेकिन कभी हार नहीं मानी

शुभम को यह सफलता एक प्रयास में नहीं मिली है| इसके लिए शुभम को अनेकों बार असफलताओं का सामना करना पड़ा था| 2015 में उन्होंने UPSC को पास करने का पहला प्रयास किया लेकिन वह उसमें असफल रहे| उसके बाद एक बार फिर 2016 में शुभम ने प्रयास किया, इस बार वह सफल तो हुए लेकिन जिस सेवा में वह जाना चाहते थे उसमें उनका चयन नहीं हो पाया| शुभम ने 2017 में भी प्रयास किया लेकिन वह असफल रहे| लेकिन तब भी शुभम ने हार नहीं मानी और 2018 में एक बार पुन: प्रयास किया| इस बार वह न सिर्फ परीक्षा में पास हुए अपितु उन्होंने 6वीं रैंक भी हासिल की|

शुभम ने पिता के सपने को किया पूरा

एक साक्षात्कार में शुभम बताते हैं कि उनके पिता का एक छोटा सा कारोबार था जिसके लिए उन्हें अधिकारियों से मिलना पड़ता रहता था| तभी एक दिन शुभम के पिताजी ने शुभम को कहा कि बेटा बड़े होकर तुम कलेक्टर बनना| लेकिन तब तक शुभम को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी| लेकिन आज शुभम ने अपने पिता का सपना पूरा कर उनका नाम रोशन कर दिया है|

आर्थिक तंगी भी नहीं तोड़ पाई हौंसलें

शुभम के परीक्षा पास करने के पूर्व उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था| जिसके कारण वह राजस्थान छोड़कर महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव में रहने आ गए| वहाँ आजीविका के लिए उनके पिताजी ने एक छोटी सी दुकान खोली थी| इस दुकान पर शुभम भी काम किया करते थे| शुभम दुकान पर काम करने के साथ-साथ दुकान पर ही पढ़ाई भी करते थे| क्यूंकि वह अपनी पढ़ाई के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते थे|

खुद पर विश्वास रखना है जरूरी: शुभम

आज शुभम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुके हैं| एक साक्षात्कार में वह कहते हैं कि यदि आप सफलता पाना चाहते हैं तो आपका खुद पर विश्वास रखना बहुत जरूरी है| यदि आपको खुद पर विश्वास है तो आप कोई भी और कितना भी कठिन कार्य आसानी से कर सकते हैं| साथ ही हमें सफलता के लिए कड़ी मेहनत करना भी  आवश्यक होता है|

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