Tuesday, January 19, 2021
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चार वर्षों से गरीब बच्चों को पढ़ा रही हैं विद्या, नेत्रहीन होने के बावजूद भी फ्री में देती हैं क्लास

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New Delhi: यूं तो आपने कई स्टोरी देखी होंगी। जिसमें शिक्षक जरूरतमंद बच्चों को फ्री में पढ़ाते हैं। लेकिन आज हम आपके लिए एक ऐसी स्टोरी लेकर आए हैं, जिसे सुनकर आप ही हैरान रह जाएंगे। जी हां यह स्टोरी है विद्या की। विद्या जो जन्म से ही नेत्रहीन हैं, वह इन दिनों गांव के बच्चों को शिक्षा देने के काम में जुट गई हैं। वह गांव के बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं। विद्या यूं तो वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। लेकिन बच्चों को पढ़ाकर उन्हें खुशी मिल रही है।चलिए जानते हैं विद्या के बारे में

यहां पढ़ाती है विद्या
विद्या गुठनी प्रखंड के मझवलिया गांव में गरीब बच्चों को पढ़ा रही हैं। यह गांव विद्या का नानी गांव है। गांव में एक भी स्कूल नहीं है ऐसे में बच्चों को शिक्षा लेने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। जिसकी वजह से कम बच्चे ही स्कूल जा पाते हैं। इसलिए विद्या ने बच्चों को पढ़ाना शुरु कर दिया।

स्टडी मेटेरियल भी मुहैया कराती हैं
विद्या शिक्षा मुफ्त में देती हैं। जिसकी वजह से उनके पास काफी संख्या में बच्चे शिक्षा लेने के लिए आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह बच्चों को स्टडी मेटेरियल भी मुहैया कराती हैं। जैसे पेन, पेन्सिल, कॉप व अन्य जरूरी के सामान।

क्या कहती हैं उनकी मां
विद्या की मां कहती हैं कि विद्या बीते चार साल से गांव के बच्चों को फ्री में शिक्षा दे रही हैं। उनकी मां बताती हैं कि विद्या बचपन से ही नेत्रहीन हैं. और लंबे समय तक उनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चला है। जिसके बाद उन्हें नजदीक का थोड़ा-थोड़ा दिखाई पड़ता है।

क्या कहती हैं विद्या
विद्या कहती हैं कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ साथ संस्कार देना भी जरूरी है। वह चाहती हैं कि गांव में एक स्कूल खोला जाए। जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चे पढ़ सके। विद्या कहती हैं कि पहले वह वैज्ञानिक बनना चाहती थी। लेकिन अब उन्हें शिक्षक बनना है। गांव के लोग कहते हैं कि जो काम सरकार को करना चाहिए वह विद्या कर रही है।

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