Tuesday, April 20, 2021
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103 डिग्री बुखार और परीक्षा देते समय चढ़ता था गलूकोज, फिर भी UPSC टॉपर बनीं सौम्या शर्मा

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

सौम्या शर्मा उस हस्ती का नाम है, जिन्होंने तूफान से लडक़र जीत हासिल की है। जी-हां उन्होंने कठिन संघर्ष के दम पर अपना खुद का इतिहास लिखा है। हालांकि उनके संघर्ष की कहानी बहुत लंबी है, जोकि कई किताबों को अपने भीतर समेट ले। मगर खुद पर इस कदर विश्वास था कि उन्होंने अपनी मंजिल को पाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मूल रूप से दिल्ली की निवासी सौम्या शर्मा जब 16 साल की थी, तब अचानक से उनकी सुनने की क्षमता चली गई। काफी ईलाज करने के बाद भी उनकी यह बीमारी ठीक नहीं हो सकी।

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कमजोरी को बनाया अपना हथियार

अपनी इसी कमजोरी को सौम्या ने अपने हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। 95 प्रतिशत तक उनके सुनने की क्षमता क्षीण हो गई। सौम्या ने इसे स्वीकार कर लिया और हियरिंग एड की सहायता से सुनने की आदत डाल ली। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल सौम्या ने नेशनल लॉ कॉलेज से अपनी शिक्षा की है। लॉ के अंतिम साल में ही सौम्या ने यूपीएससी करने की ठान ली। बिना कोचिंग के ही उन्होंने तैयारी शुरू कर दी।

तेज बुखार के बीच दी परीक्षा

मात्र 23 साल की उम्र में सौम्या शर्मा ने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली। मगर जिस सौम्या की परीक्षा थी, ठीक उसी दिन उन्हें तेज बुखार ने अपनी जकड़ में ले लिया। हालांकि इस फीवर के चलते भी सौम्या ने अपनी परीक्षा को टालने की बजाए उसे देने का फैसला किया। 102 से 103 के तेज बुखार के बीच सौम्या ने अपनी परीक्षा दी। हालांकि परीक्षा के बीच बीच में उन्हें गलूकोज डीप भी लगती रही, मगर उन्होंने इसकी परवाह नहीं की, उन पर अपनी मंजिल को पाने की चाहत थी।

इस तरह से दी परीक्षा

इसलिए डीप लगने के साथ ही सौम्या अपनी परीक्षा देती रही। इसका भी सुखद परिणाम आया, जब 2017 में यूपीएससी का फाईनल रिजल्ट आया तो सौम्या और उनके डाक्टर माता पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सौम्या ने यह यूपीएससी की परीक्षा में 9 वीं रैंक के साथ पास की। इस तरह से उनका यूपीएससी की परीक्षा को क्रेक कर आईएएस अधिकारी बनने का सफर पूरा हुआ।

मेहनत के अलावा कोई विकल्प नहीं

सौम्या शर्मा का कहना है कि समस्याएं सभी के जीवन में होती हैं। मगर कोई इन समस्याओं की आड़ में छिपकर अपना काम चला लेता है तो कोई उसका मुकाबला करता है। जहां तक यूपीएससी परीक्षा की बात है तो इसमें कड़ी मेहनत, धैर्य और अनुशासन बेहद जरूरी है। इनके बिना इस परीक्षा को पास करना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव है।

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