Tuesday, April 20, 2021
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मंजिल के पास पहुंचकर फिसल जाते BSF जवान, फिर अपनी जिद से हासिल किया IAS का मुकाम

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यूपीएससी परीक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होती। कोई एक बार में ही अपनी मंजिल पर पहुंच जाते है। वहीं कई लोगों को काफी संघर्ष करने के बाद भी सफलता हासिल नहीं होती है। इसके अलावा कई लोग ऐसे भी होते है।  कि जो मंजिल के पास पहुंचकर फिसल जाते हैं। ऐसे ही लुधियाना के हरप्रीत के साथ हुआ। हरप्रीत हर बार अपनी मंजिल के पास पहुंचकर फिसल जाते थे। इसके बावजूद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अंत में उन्होंने ऐसी जिद ठानी कि अपनी मुठ्ठी में सफलता कर ली।

पांचवे प्रयास में जाकर मिली सफलता

हरप्रीत कहते है कि हर बार वह मंजिल पर पहुंचकर फिसल गए। उन्हें ऐसा लगता था कि इस बार सफलता उनके कदम चूम लेगी। लेकिन अंत में निराशा ही हाथ लगती है। हरप्रीत के अनुसार उनकी जगह कोई दूसरा व्यक्ति होता तो शायद वह प्रयास करना भी छोड़ सकता था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। लगातार प्रयास करते गए। आखिरकार उन्हें पांचवे प्रयास में जाकर सफलता मिली। वर्ष 2018 में हरप्रीत ने 19वी रैंक के साथ टॉप किया।

ग्रेजुएशन करने के बाद शुरू हुआ सिविल सर्विस का सफर

हरप्रीत कहते है कि उनकी सिविल सर्विस की तैयारी का सफर ग्रेजुएशन करने के बाद शुरू हुआ। ग्रेजुएशन करने के बाद वह चंडीगढ़ चले गए। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी के लिए कोचिंग ज्वाइंन कर ली। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कोचिंग भी ज्वाइंन कर ली। हरप्रीत का सलेक्शन पहले प्रयास में प्री परीक्षा में हो गया। हालांकि इसके बाद वह आगे नहीं बढ़ पाए। इसके बाद उन्होंने फिर से प्रयास शुरू किया। अपने दोनों प्रयासों में हरप्रीत इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए। लेकिन इंटरव्यू राउंड में उन्हें सफ लता नहीं मिली। हरप्रीत बताते है कि उन्हें मंजिल पर पहुंचकर फिसलने की आदत सी हो गई थी। सिविल सर्विस की तैयारी करते हुए ही हरप्रीत ने दूसरे एंट्रेंस परीक्षा भी दी। जिसमें उनका सिलेक्शन बीएसएफ में हो गया।

पांचवे प्रयास में मिली हरप्रीत को सफलता

हरप्रीत बताते है कि बीएसएफ में कमांडेट की पोस्ट से उनका मन नहीं भरा। वह नौकरी के साथ ही अपनी तैयारी करते रहे। अंत में उन्हें पांचवे प्रयास में 19वी रैंक हासिल हुई। उन्हें इंडियन ट्रेड सर्विस एलॉट हुई। हरप्रीत बताते है कि वह अभी भी तैयारी करने में जुटे हुए है। हरप्रीत कहते है कि कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। सफलता के लिए लगातार प्रयास करते रहने चाहिए। अंत में मंजिल हासिल हो जाती है।

 

 

 

 

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