कई बार किसी अनजान व्यक्ति की सलाह काम करने से हमारी किस्मत के ताले खुल जाते हैं। ऐसी ही किस्मत का ताला किसान उदय बहादुर का खुला। उन्होंने एक व्यक्ति की सलाह पर तुलसी की खेती शुरू की। इस खेती की बदौलत उन्होंने पढ़ाकर अपने बेटे को इंजीनियर बनाया। वहीं उनकी आर्थिक तंगी भी पूरी तरह से दूर हो गई। तुलसी के पत्ते औषधि निर्माण में प्रयोग होते है। अधिकतर जगहों पर सर्दी खासी के लिए इनकों प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में तुलसी के पत्ते का काफी महत्व माना जाता है।
कृषि कर्मचारी ने दिया तुलसी की खेती का सुझाव
किसान उदय बहादुर उत्तर प्रदेश के टिकरी गांव के रहने वाले हैं। उनके पास छह बीघा जमीन है। इस जमीन पर खेती करके वह अपनी अजीविका चलतो हैं। लेकिन पूरे छह बीघा में भी खेती करने से उनकी परेशानी दूर नहीं हो रही थी। क्योंकि खेती से उतनी आमदनी नहीं हो रही है। उन पर अपने बच्चों को भी पढ़ाने का दवाब था। एक दिन कृषि कर्मचारी उनसे मिलने के लिए आया। उसने बातों ही बातो में उदय को तुलसी की खेती करने का सुझाव दिया। इसके लिए बकायदा उदय को ट्रेनिंग दी गई।
2 बीघा में शुरू की गई तुलसी की खेती
उदय बताते है कि कृषि कर्मचारी के सुझाव पर उन्होंने दो बीघा पर तुलसी की खेती शुरू की। बाकी चार बीघा पर वह अनाज की खेती करते थे। उन्हें इस खेती से प्रथम बार में ही कामयाबी हासिल हो गई। हालांकि इस खेती में उदय को थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़ी। तुलसी की खेती की बदौलत उन्होंने अपने बेटे को इंजीनियर बनाया। बहादुर बताते है कि आर्थिक तंगी के कारण घर का गुजारा करना मुश्किल हो रहा था। लेकिन उन्होंने इस खेती की बदौलत न केवल अपने बेटे को पढ़ाया। बल्कि खुद ही आराम से जीवन व्यतीत कर रहे हैं।