Tuesday, April 20, 2021
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बार-बार असफल होने के बावजूद नहीं मानी हार, ग्रामीण बच्चों ने बदली दिशा, बन गई IAS

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सिविल सर्विस की तैयारी के दौरान बार-बार असफल होने पर छात्रों का हौसला टूट जाता है। फिर वह अपनी मंजिल दूसरी तय कर लेता है। लेकिन कई ऐसे स्टूडेंट्स होते है जो अपनी मंजिल खुद तय करते हैं। वह बार बार असफल होने के बावजूद हार नहीं मानते। ऐसे स्टूडेंट्स मेंं गुंजना सिंह का नाम भी शामिल है। गुंजना ने दो बार असफल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। वह तीसरे प्रयास में जाकर आल इंडिया रैक 16 हासिल करके टॉपर बनी। गुंजना उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली है। शुरुआती पढ़ाई लिखाई करने के बाद इन्होंने इंजीनियरिंग करने का मन बनाया।

Instagram/gunjan singhi

जेईई का एंट्रेस देकर लिया आईआईटी में दाखिला

कानपुर की रहने वाले गुंजन ने आईआईटी में दाखिला लेने के लिए जेईई की परीक्षा दी। उनका दाखिला आईआईटी रूडकी में हुआ। आईआईटी से ग्रे्रजुएशन करने के बाद इंटरशीप के दौरान वह एक गांव में बच्चों को पढ़ाने के लिए गई। उन्होंने वहां देखा कि कई ग्रामीण बच्चे शिक्षा के अभाव से वंचित है। ऐसे में उन्होंने सोचा कि किस माध्यम से वह बच्चों की मदद कर सकती है। इस सोच ने उनके जीवन की दिशा को बदल दिया। इसके बाद गुंजन ने यूपीएएसी की तैयारी शुरू कर दी।

बार बार मिलती असफलताओं ने नहीं हुई निराश

गुंजन यूपीएससी की तैयारी के दौरान बार बार मिलने वाली असफलताओं से बिल्कुल भी निराश नहीं हुई। पहले प्रयास में गुंजन का प्री में सेलेक्शन नहीं हुआ। उन्होंने असफल होने के बाद दोबारा तैयारी की। लेकिन दूसरी बार में भी वह सफल नहीं हो सकी। तीसरे प्रयास में वह न केवल सफल हुई। बल्कि 16वी रैंक के साथ टाप भी किया। इस प्रकान उन्होंने अपनी मर्जी के मुताबिक आईएएस का पद मिल गया। गुंजन बताती है कि मंजिल मिलने से पहले उन्हें कई बार असफलता मिली। इस असफलता में उनको केवल परिवार के साथ मां ने संभाला। गुंजन बताती है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान आपको अपने भीतर से ही मोटिवेशन लेना होगा। वह कहती है आप सोच लो जो भी हो जाए, अपने कदम पीछे नहीं रखने है।

रणनीति बनाने के साथ मागदर्शन भी ले

गुंजन बताती है कि सही रणनीति बनाने के साथ गाइडेंस भ्ीा ले। अपने किए अनुसार प्लान बनाए। वह बताती है कि सिलेबस के की-वर्ड्स सर्च करे। तभी आपकी यह धारणा बदलेगी कि यूपीएससी में कुछ भी पूछा जाता है। आप छोटी-छोटी चीज प्लान करेंगे तो आपको कुछ भी असंभव नहीं लगेगा। कई बार सफर में मंजिल देर से मिलती है। लेकिन परेशान न हो। अगर आपका प्रयास बेहतर है तो एक दिन यूपीएएसी जरूर क्लीयर होगी।

 

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