Tuesday, April 20, 2021
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पिता चलाते हैं चाय की दुकान, भाई बहन करते हैं खेतों पर काम, इस युवक ने आईएएस बनकर बनाई अपनी पहचान

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कई बार घर के हालातों को देखते हुए संघर्ष करने की रफ्तार ना केवल बढ़ जाती है, बल्कि हौंसला और जज्बा भी उतना ही अधिक तेज गति पकड़ लेता है। लोग कहते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा को पास करना बहुत मुश्किल है। इस परीक्षा को पास करने के लिए एड़ी चोटी का जोर भी लगाना पड़ता है। हमने अक्सर देखा भी है कि इस परीक्षा को पास करने के लिए कैंडिडेटस को सालों का इंतजार भी करना पड़ जाता है। वह कई बार फेल भी होते हैं, मगर इन सभी उदाहरण को धत्ता बताते हुए जबलपुर के देशल रतनू ने पहली ही बार में यूपीएससी की परीक्षा को पास कर दिखाया।

सुविधा नहीं थी फिर भी दिखाया हौंसला

रतनू के पास दूर दूर तक भी पढ़ाई के संसाधन नहीं थे, इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत के बल पर देश की इस सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी सीएसई को 82 वीं रैंक से टॉप कर दिखाया है। बता दें कि रतनू के परिवार की आर्थिक हालत बेहद ही बदत्तर थी। उनके पिता एक छोटी सी चाय की दुकान से अपना घर चलाते थे। इसलिए वह अपने बेटे को कोई भी सुविधा उपलब्ध करवाने की स्थिति में नहीं थे। रतनू भी यह अच्छी तरह से जानते थे, इसलिए उन्होंने अपनी शिक्षा को हुनर के तौर पर इस्तेमाल किया और यूपीएससी की जमकर तैयारी की।

facebook/Deshaldan Ratnu

भाई बहन भी करते हैं मजूदरी

बता दें कि देशल रतनू के पिता के पास जमीन का एक छोटा सा टुकडा ही थी। जिस पर खेती करने के बाद भी घर को चलाना मुश्किल था। इसलिए उनके पिता ने एक चाय की दुकान खोल ली थी। देशल के भाई या तो खेतों में काम करते थे या फिर चाय की दुकान पर। देशल व उनके बड़े भाई को छोडक़र कोई भी पढ़ाई लिखाई नहीं करता था। देशल के भाई नेवी में थे और वह जब भी छुटटी पर घर आते थे तो वह अपने भाई को पढऩे के लिए प्रेरित करते हुए उसे आर्मी या फिर सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा देते थे। इस तरह से ही देशल के आईएएस बनने की नींव पड़ी।

भाई की डेथ ने किया दुखी

हालांकि नेवी में डयूटी करते वक्त देशल के भाई के डेथ हो गई थी। इस घटना ने देशल को तोडक़र रख दिया था। मगर उसके लिए अपने भाई द्वारा कहे गए शब्द ऐसी प्रेरणा बनें कि 10 वीं पास करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए कोटा चले गए। वहां से 12 वीं करने के बाद देशल ने जेईई की परीक्षा दी और उसमें चयन हो गया। इसके बाद उन्होंने आईआईटी जबलपुर से स्नातक पूरी की और फिर अपने भाई द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलते हुए यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

एक ही था लक्ष्य

हालांकि आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के बाद भी देशल ने दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी की। उसका केवल एक ही लक्ष्य था कि एक बार में इस परीक्षा को पास करना है। उनकी मेहनत और लक्ष्य ने रंग दिखाया। देश मात्र 24 साल की उम्र में ही 82 रैंक के साथ वर्ष 2017 में यूपीएससी सीएसई की परीक्षा को पास करने में सफल रहे।

भाई के सपने को किया साकार

इस तरह से अपने घर में पढ़ाई का माहौल ना होने के बावजूद देशल ने यूपीएससी टॉप करके अपने भाई का सपना साकार किया। दिल्ली नॉलेज ट्रेक को दिए इंटरव्यू में देशल ने अपने परिवार की आर्थिक संकट की पूरी जानकारी सांझा की थी। उन्होंने बताया कि कैसे उनके भाई बहन मेहनत मजदूरी करके परिवार को चला रहे थे। मगर उन्होंने अपने बड़े भाई से प्रेरणा लेकर इस परीक्षा को पास किया। हालांकि भाई के निधन से वह भीतर तक टूट गए थे, मगर उनके सामने अपने भाई के सपने को साकार करने की चुनौती भी थी। जिसे पूरा करना वह अपना फर्ज समझते थे।

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