Saturday, April 17, 2021
- Advertisement -

परीक्षाओं में अक्सर फेल होने वाले लक्ष्य ने रचा इतिहास, UPSC पास कर बन गए IAS अफसर

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...

नई दिल्ली। अक्सर दो से तीन बार असफल होने के बाद लोग टूट जाते हैं। वह अपना रास्ता बदलने के साथ मंजिल भी बदल देते हैं। लेकिन ऐसे लोगों को यूपीएससी में 38वी रैंक हासिल करने वाले लक्ष्य से सीख लेनी चाहिए। जो लगातार असफ ल होने के बाद भी अपने पथ से विचलित नहीं हुए। सफलता हासिल करने के लिए प्रयास करते हैं। अंत में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 38वी रैंक हासिल की। जबकि हैरानी की बात है कि इससे पहले वह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पास नहीं हुए थे। लक्ष्य ने यूपीएससी की परीक्षा वर्ष 2018 में अपने दूसरे प्रयास में पास की।

 

दसवीं में अच्छे अंक आने के बाद परिवार में बढ़ा मान

लक्ष्य बताते है कि मध्यम वर्ग परिवार में जो बच्चा पढ़ाई में होशियार होता है उसकी हर जगह पूछ होती है। सभी उसको काफी प्यार करते हैं। लेकिन पढ़ाई में कमजोर बच्चों को हमेशा डांट फटकार ही मिलती है। लक्ष्य बताते है कि दसवीं कक्षा में उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं की अच्छी तैयारी की। जिससे उनके अच्छे अंक आए। इसके बाद परिवार में भी उनका काफी मान बढ़ गया। अब लक्ष्य को अहसास हो गया था कि अगर सभी जगह इज्जत पानी है तो कुछ बड़ा करना होगा। इसी समय लक्ष्य के पड़ोस में रहने वाले एक लडक़े ने भी यूपीएससी सीएसई परीक्षा में सफला हासिल कर ली। जिसके बाद तो लक्ष्य के सपनों को पंख लग गए।

लगातार प्रतियोगी परीक्षा में फेल होने से हो रहा था तनाव

लक्ष्य के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में उनका अनुभव काफी बुरा रहा। उन्होंने बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग के लिए कई परीक्षाएं दी। लेकिन वह सभी में फेल रहे। इससे न सिर्फ तनाव में आ गए, बल्कि उनके परिवार का विश्वास भी उनके प्रति खत्म हो गया। कई प्रतियोगी परीक्षा में फे ल होने के बाद उन्होंने किसी तरह से मैकेनिकल इंजीनियरिंग किया। मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद वह सिविल सर्विस की कोचिंग लेने के लिए अपने परिवार से जिद करके गाजियाबाद आ गए।

पहले प्रयास में फेल तो दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता

लक्ष्य के अनुसार कोचिंग लेने के दौरान जब उन्होंने पहली बार सिविल सर्विस की परीक्षा दी तो वह फेल हो गए। इसके बाद वह घर आ गया। उन्होंने घर आकर तैयारी शुरू की। अपनी पिछली गलतियों से सबक लेते हुए दोबारा से नोट तैयार किए। इसके बाद दूसरे प्रयास में लक्ष्य ने सिविल सर्विस में 38वी रैंक हासिल की। लक्ष्य ने कहा कि एक औसत छात्र भी अगर अच्छी तरह से तैयारी करे तो वह सिविल सर्विस में सफलता हासिल कर सकता है। इसलिए लगातार फे ल होने पर भी घबराना नहीं चाहिए।

 

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -