Monday, April 19, 2021
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यूपी में पति निकले डिफाल्टर तो पत्नी को नहीं मिलेगा लोन,सिबिल स्कोर पर बैंकों का बड़ा फैसला

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

अपने पति के डिफाल्टर होने का खामियाजा उनकी पत्नियों को सहना पड़ रहा है। पति का सिबिल स्कोर कमजोर है, जिसकी वजह से पत्नियों को मिलने वाला लोन रिजेक्ट हो रहा है। उत्तर प्रदेश के जिला उद्योग केंद्रों के जरिए प्राप्त होने वाले ऋण आवेदनों में 100 में से 10 केस रदद हो रहे हैं। हालांकि जिन महिलाओं के लोन के आवेदन रदद हो रहे हैं, उनका सिबिल स्कोर (कंज्यूमर के्रडिट रिकार्ड) तो दुरूस्त है, मगर उनके पति डिफाल्टर साबित हो रहे हैं। जिस वजह से बैंक उनकी पत्नियों को लोन नहीं दे रहे हैं।

Representation image pixabay

ये रहता है सिबिल स्कोर का आंकड़ा

बता दें कि तीन अंकों का सिबिल स्कोर का आंकड़ा 300 से लेकर 900 तक रहता है। इसमें से जिसके अंक अधिक होंगे, उनका रिकार्ड बेहतर माना जाएगा। आजकल बैंक किसी को भी लोन देने से पहले उनके सिबिल स्कोर की जांच करते हैं। इस स्कोर से ही किसी का भी क्रेडिट लेनदेन और उसकी देनदारी का सारा रिकार्ड बैंक के सामने आ जाता है। जिसे देखने के बाद ही बैंक लोन देने का फैसला करता है। जिसका सिबिल स्कोर ठीक नहीं होगा, उसे किसी भी सूरत में लोन नहीं दिया जाएगा।

लोन के लिया किया आवेदन

बता दें कि उत्तर प्रदेश में बहुत सी महिलाओं ने अपना व्यापार आरंभ करने के लिए जिला उद्योग केंद्र के जरिए लोन के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन पर उद्योग केंद्र से 50 लाख रुपए की राशि भी स्वीकृत हो गई। पंरतु इनमें से काफी महिलाओं को तब निराशा का सामना करना पड़ा, जब उन्हें बताया गया कि उनके पति का सिबिल स्कोर सही नहीं है, जिसके बाद उन्हें लोन देने से इंकार कर दिया गया।

पति डिफाल्टर नहीं, ये है केस

इनमें से एक महिला मनमीत का कहना है कि उनके पति ने कार खरीदने के लिए लोन लिया था। परंतु कार बेचने वाले ने इस लोन में अतिरिक्त राशि जोड़ दी, जिसको लेकर ही उनका यह सारा मामला चल रहा है। इस वजह से उनके पति का सिबिल स्कोर गड़बड़ा गया। जिसकी वजह से उनका लोन रिजेक्ट कर दिया गया। हालांकि उनके पति सीधे तौर पर डिफाल्टर नहीं कहे जा सकते। इसी प्रकार से एक और महिला भी सामने आई हैं, उनका भी फंडा सिबिल स्कोर को लेकर है। इसलिए उनका आवेदन भी रदद कर दिया गया। हालांकि दूसरी ओर एक बैंक के मैनेजर का कहना है कि ऐसा नहीं है कि महिलाओं के पति की वजह से लोन रदद हुआ है। बैंक अपने स्तर पर सिबिल स्कोर जांचता है। यदि उसमें गड़बड़ी है तो रिजर्व बैंक की गाईड लाईन के हिसाब से ही बैंक को उसकी पालना करनी होगी।

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