Tuesday, April 20, 2021
- Advertisement -

कुल का चिराग बनीं बिहार के बाईक मैकेनिक की बेटी, मेडीकल परीक्षा में लहराया परचम

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

सफलता कहीं से भी आपको खोज सकती है। जरूरी नहीं कि वह अमीर परिवार के हिस्से में ही जाए, अभावों में जीने वाले लोग भी बड़े लोग बनते हैं। ऐसी ही कहानी है बिहार की बेटी अकांक्षा की। जिन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में जन्म तो लिया,मगर खुद अपनी मेहनत से एक इतिहास लिख दिया, जिसे आज हर कोई सराहा रहा है। अकांक्षा की हिम्मत और मेहनत को सभी लोग सलाम कर रहे हैं। उन्होंने पहली बार में ही नीट की परीक्षा को पास कर दिखाया है। उन्होंने नीट की इस परीक्षा में 720 में से 666 अंक लेकर खुद के डाक्टर बनने का रास्ता साफ कर लिया है।

स्कूटर मैकेनिक हैं अकांक्षा के पिता

बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली अंकाक्षा के पिता एक स्कूटर मैकेनिक हैं। मगर उन्होंने अपना पेट काटकर सभी बच्चों को पढ़ा लिखाकर इस काबिल बना दिया है कि आज सभी अच्छे तरह से अपने परिवार के लिए कुल का चिराग साबित हो रहे हैं। अकांक्षा ने जहां नीट में बेहतरीन अंक लाकर खुद को साबित किया है, वहीं उनके भाई दिवाकर वाराणसी से इंजीनियरिंग कर चुके हैं तथा दूसरे भाई आईआईटी रूडक़ी से इंजीनियरिंग कर रहे हैं।

छोटी से दुकान से किया बड़ा काम

बता दें कि अकांक्षा का परिवार मूलरूप से मधुबनी का रहने वाला है। उनके पिता दिनेश सिंह काफी सालों से मुजफ्फरपुर आकर बस गए थे। इसी शहर में उन्होंने एक छोटी सी रिपेयरिंग की दुकान खोल ली,जिसके माध्यम से वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। दिनेश सिंह का कहना है कि उन्होंने आरंभ से ही अपने बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया है। इसके लिए वह अपना पेट काटकर कड़ी मेहनत से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उनकी बेटी ने नीट की परीक्षा को पास कर पूरे इलाके में उनका नाम रोशन कर दिया है।

इस तरह से की नीट की तैयारी

अकांक्षा ने अपनी इस परीक्षा के लिए लॉकडाऊन से ही तैयारी आरंभ कर दी थी। उन्होंने इस समय को अपने लिए बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया। वह हर दिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करते हुए नीट की तैयारी में लग गई थी। स्थानीय स्कूल से अकांक्षा ने 10 और 12 वीं की शिक्षा ग्रहण की है। उसका शुरू से ही जज्बा था कि वह कुछ अलग करके दिखाएगी। इस तरह से बिहार की इस बेटी ने नीट की परीक्षा पास कर पूरे इलाके का नाम ऊंचा किया है। अकांक्षा व उनके परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -