Wednesday, April 21, 2021
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यूपीएसएसी में पहली बार में ही हुए सफल, नहीं हुए संतुष्ट दोबारा दी परीक्षा, टॉप करने के साथ बन गए आईएएस

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सिविल सर्विस की तैयारी में छात्र कई बार लगातार असफल हो जाते हैं। हालांकि इसके बाद भी वह हिम्मत नहीं हारते। वहीं कुछ पहले ही प्रयास में सफल हो जाते है। लेकिन अपनी रैंक से संतुष्ट न होते हुए दोबारा से परीक्षा देकर टॉप करते है। ऐसे ही छात्रों में बक्सर जिले के रहने वाले आल इंडिया रैंक चार अतुल प्रकाश का नाम शामिल है। अतुल ने पहले ही प्रयास में ही परीक्षा क्लीयर कर ली। लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा देते हुए टॉप 4 में अपनी जगह बनाई।

आईएएस की वर्किंग को लेकर पहले एकत्र की जानकारी

अतुल ने शुरुआत में समझधारी दिखाते हुए सीधा तैयारी में नहीं लगे। पहले उन्होंने आईएएस की वर्किंग के बारे में गहन जानकारी एकत्र की। अतुल का निर्णय काफी समझदारी वाला था। अतुल के अनुसार वह केवल यूपीएससी का नाम सुनकर ही इस क्षेत्र में नहीं आ गए। बल्कि उन्होंने एक आइएएस के कार्यक्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी एकत्र की।

इंटरनेट के इस्तेमाल के साथ पढ़े टापर के इंटरव्यू

अतुल बताते है कि उन्होंने आईएएस की परीक्षा से पहले इंटरनेट का खूब इस्तेमाल मिला। इंटरनेट से सभी जानकारी एकत्र की। इसके साथ उन्होंने टॉपर का भी इंटरव्यू देखा। नेट पर मौजूद वेबसाइट भी अतुल ने देखी। इसके अलावा उन्होंने अपने सीनियर से भी मदद ली। ताकि परीक्षा के दौरान कोई भी चीज छूट न जाए।

लगातार पढ़ाई करना है जरूरी

अतुल बताते है कि यूपीएससी की तैयारियों के दौरान लगातार पढ़ाई करना जरूरी है। वह बताते है कि तैयारियों को लेकर अब लापरवाही नहीं कर सकते। कई छात्र परीक्षा के नजदीक आने पर पढऩा शुरू करते है। लेकिन इन परीक्षाओं में आप ऐसा बिल्कुल भी नहीं कर सकते। वह बताते है कि उन्होंने किसी भी तरह की कोचिंग नहीं ली थी। केवल सेल्फ स्टडी से ही यूपीएससी की तैयारी की। वहीं अतुल कहते है कि उन्होंने अपने पहले प्रयास में कम प्रश्न हल किए थे। जिसकी वजह से उनके कम अंक आए। अगर आंसर प्रैक्टिस ठीक से की होती तो शायद वह पहली बार में ही अपनी मंजिल तक पहुंच जाते।

उत्तर लिखते हुए अलग अलग प्वाइंट पर करे चर्चा

अतुल बताते है कि  लिखते हुए एक सवाल में पूरे विस्तार से लिखना चाहिए। उदाहरण के लिए अगर दस नंबर का प्रश्र है तो कम से कम दस प्वाइंट लिखे । 15 नंबर का प्रश्र है तो कम से कम 15 बिंदू लिखना तो बनता है तभी अंक मिलते है। वह कहते है कि कई परीक्षार्थी एक ही बात को गहराई से समझाने का प्रयास करते है जोकि गलत है। अतुल बताते है कि अंासर राइटिंग पर फोकस करे। करेंट अफेयर्स पर लगातार नजर रखे। आंसर्स को मल्टी डायमेंशनल बनाए। उन पर अपना ओपनियन जरूर फॉर्म करे।

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