Monday, April 19, 2021
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पुलिस वालों का नेक काम, गरीब व बेसहारा बच्चों को पढ़ा लिखाकर बनाना चाहते हैं बड़ा आदमी

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

अभी तक आपने पुलिस वालों को क्रिमिनल के साथ मारपीट व गाली-गलौच करते हुए ही देखा होगा। अपराधियों के साथ रहते हुए पुलिस वालों की छवि भी लोगों की नजर में कुछ साफ नहीं रह गई है। कुछ पुलिस वालों ने तो अपनी छवि को खुद ही दागदार किया है। लेकिन जब यही वर्दी वाले जवान कुछ अच्छा काम करते हैं तो लोग उनकी जमकर तारीफ भी करते हैं। उन्हें समाज का सच्चा सिपाही कहते हुए हीरो जैसी उपाधि से नवाजते हैं।

400 बच्चों को दे रहे हैं शिक्षा

आज हम ऐसे ही कुछ पुलिस वालों की बात करेंगे, जिन्होंने सडक़ पर घूमने व नशा करने वाले बच्चों को सुधारने का बीड़ा अपने कंधों पर उठाया और उन्हें शिक्षित करने का नेक काम किया है। छत्तीसगढ़ की रायपुर में टिकरापारा थाने में तैनात पुलिस वालों ने करीब 400 बच्चों को इस अभियान से जोड़ा है। ये बच्चे बेहसहारा और घूमंतू समाज से संबंधित हैं। अब पुलिस वाले इन बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ उन्हें म्यूजिक, खेलकूद और कंप्यूटर सिखाने का भी शानदार काम कर रहे हैं।

थाना प्रभारी महेश ने शुरू किया ये नेक काम

पुलिस थाने के प्रभारी महेश नेताम ने अपने स्तर पर इस अभियान की शुरूआत की। उनके इस नेक काम को देखकर थाने के बाकि सिपाही भी इस अभियान से जुड़ गए हैं। श्री नेताम ने बताया कि उन्होंने कुछ बच्चों को नशा करते हुए पाया। उन्हें इन बच्चों को देखकर दुख हुआ, फिर उन्होंने ठाना कि ऐसे बच्चों को शिक्षा की लौ से जोड़ा जाए। महेश नेताम ने बच्चों को अपने पास बुलाया और पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया। उनसे कहा कि यदि तुम पढ़ोगे तो फिर पुलिस मारेगी नहीं। यह सुनकर सभी बच्चे पढऩे के लिए तैयार हो गए।

ये सिपाही भी बच्चों को पढ़ाते हैं

जैसे ही इन बच्चों ने पढऩे की इच्छा दिखाई तो उनके लिए क्लास लगाई जाने लगी। इस काम के लिए पुलिस के जवान धनंजय गोस्वामी, सुनील पाठक और जितेंद्र भी सामने आ गए। इसके चलते भैरव नगर सोसायटी में श्री प्रयास शैक्षणिक संस्था की स्थापना कर बच्चों को पढ़ाने की शुरूआत की गई। इस क्लास में इलाके की बस्तियों के गरीब बच्चों को भी पढ़ाया जाने लगा है।

बड़े अधिकारी कर रहे हैं प्रशंसा

सिपाही गोस्वामी बताते हैं कि अब उनके पास कक्षा 1 से लेकर 12 वीं तक के बच्चे पढऩे के लिए आ रहे हैं। वह इन बच्चों को म्यूजिक के साथ साथ कंप्यूटर और खेल का भी प्रशिक्षण देते हैं। इस संस्था के बैनर तले एक व्हाटसअप गु्रप भी बनाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के डीजीपी सहित एसपी, डीएसपी और दूसरे आईएएस अधिकारियों को जोड़ा गया है तथा इस अभियान की पूरी जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाई जाती है। छत्तीसगढ़ में पुलिस की इस अनोखी मुहिम की चारों ओर खूब प्रशंसा भी हो रही है।

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