Monday, April 19, 2021
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मात्र 15000 से शुरू किया पान बेचने का कारोबार, सैंकड़ों युवाओं को दिया रोजगार, खोले हैं पान के 200 शोरूम

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

एमबीए पास एक युवा ने सपना देखा कि वह कुछ बड़ा करेंगे, मगर इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने एक ऐसा बिजनेस चुना, जोकि खाने के लिए तो ठीक है, मगर काम करने के लिए उसे कोई बड़ा तमगा हासिल नहीं है। जी-हां आज हम आपको एक ऐसे युवक की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने खोखे में बिकने वाले पान को ना केवल एक उद्योग बना दिया, बल्कि उसे शोरूम तक पहुंचाकर दिखाया।

मात्र 15000 रुपए से शुरू किया काम

इस युवक का नाम है पीएन ठाकुर, जिन्होंने मात्र 15000 रुपए की लागत से छोटी मोटी दुकानों पर बिकने वाले पान को एक बड़ा ब्रांड बना दिया और आज उनकी कंपनी के ये पान 100 वैरायटी में शानदार शोरूम में बिकते हुए देखे जा सकते हैं। मस्त बनारसी पान के नाम से पीएन ठाकुर के आज देश 200 से भी अधिक आऊटलेटस हैं और नेपाल में भी उनके ब्रांड की फ्रंचाईजी चल रही हैं।

इन शहरों में है आऊटलेट

नेपाल के अलावा अंडमान-निकोबार, झारखंड, दिल्ली, यूपी व बिहार में उनके आऊटलेटस हैं, जहा मस्त बनारसी पान की बिक्री होती है। इसके अलावा बनारस और गाजियाबाद में उनके मुख्य आफिस हैं। पीएन ठाकुर की पान कंपनी में आज करीब 350 से 400 लोग काम कर रहे हैं। इनमें कई युवा एमबीए पास भी हैं। इस तरह से पीएन ठाकुर ने अपने संघर्ष के बल पर एक अव्यवस्थित व्यवसाय को ब्रांड कंपनी में बदल दिया। कोई सोच भी नहीं सकता कि होटल और सडक़ों किनारे खोखे नुमा दुकानों में बिकने वाला पान एक कंपनी और ब्रांड का रूप भी ले सकता है।

लोन लेकर की है पढ़ाई

पीएन ठाकुर एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार से संबंध रखते हैं, उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा ग्रहण करने के बाद एमबीए की पढ़ाई की है। इसके लिए उन्होंने लोन भी लिया और किसी तरह से अपनी पढ़ाई पूरी की। एमबीए करने के बाद एक संस्थान में जब वह टे्रनिंग के लिए गए थे, तब वहां बताया गया कि अव्यवस्थित चीजों को व्यस्थित करना ही बिजनेस की असल पहचान है। इस टे्रनिंग के दौरान ही उन्होंने पान के व्यवसाय को व्यस्थित करने की दिशा में कदम उठाया। उनके इस स्टार्टअप को उनकी पोस्ट गे्रजुएशन कर चुकी पत्नी ने भी पूरा साथ दिया है।

मस्त बनारसी नाम कैसे पड़ा

पीएन ठाकुर के अनुसार बनारस में हर चीज को मस्ती से जोडक़र देखा जाता है, इसलिए उन्होंने अपने ब्राडेंड पान का नाम मस्त बनारसी पान रखा। मूल रूप से बिहार में जन्मे पीएन ठाकुर ने आज अपने इस ब्रांड से एमबीए पास युवाओं को जोड़ा है। कई शानदार फलेवर्स में उनके पान आज बच्चों व महिलाओं की पसंद भी बन चुके हैं। यही वजह है कि लोग आज उनके ब्रांडिड पान को लोग खूब लाईक करते हैं। उनके अनुसार शुरू में लोग पान बेचने के लिए काम करते हुए शर्माते थे। कोई भी मां बाप अपने एमबीए पास बेटे को पान बेचने की अनुमति नहीं देता था। इसके बावजूद उन्होंने स्ट्रगल करते हुए अपनी पान की कंपनी को नई पहचान देकर उसे आम आदमी की पसंद से जोड़ा है।

पान कंपनी से जुड़े सैंकड़ों युवा

आज उनकी कंपनी में सैंकड़ों लोग काम कर हैं, जिन्हें वेतन के साथ साथ वहां रहने, खाने, पीने व कपड़े की सुविधा भी देते हैं। यही वजह है कि आज उनकी पान कंपनी तेजी से ग्रोथ कर रही है। पीएन ठाकुर ने यह भी कहा कि उनकी पान कंपनी की लड़ाई तंबाकू, पान मसाला और गुटखा बेचने वालों से भी है। जिनकी वजह से पान की असली पहचान खोती जा रही है। पान को आयुर्वेद में दवाई के तौर भी पहचान मिली हुई है, मगर इन नशा करने वाली कंपनियों ने पान के अस्तित्व को खत्म करने का काम किया है।

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