Sunday, April 18, 2021
- Advertisement -

दो बेटियां की मां ने पांच बार फतेह किया माऊंट एवरेस्ट, अब इस साहसी महिला को मिल रहा है पदमश्री

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...

लोग एक बार एवरेस्ट चढऩे का सपना संजोए रहते हैं, मगर एक ऐसी महिला भी है, जो एक या दो बार नहीं बल्कि पांच बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माऊंट एवरेस्ट फतेह कर चुकी हैं। इनमें एक और खास बात है, यह दो बच्चों की मां हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपनी जीत की मंजिल पर पहुंचने में अपने परिवार के सहयोग से ही ये बड़ी सफलता हासिल की है। इनका नाम है अंशु जम्सेनपा,जिन्होंने पांच दिन में ही दो बार एवरेस्ट फतेह करने का रिकार्ड अपने नाम दर्ज कर एक बड़ा इतिहास बनाया है।

अंशु ने इस तरह से सफलता पाई

अंशु अरूणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जिले के बोम्डीला गांव की रहने वाली हैं। इस रिकार्ड को बनाने वाली वह पहली महिला हैं, जिन्होंने पांच दिन के अंदर ही दो बार एवरेस्ट चढऩे का रिकार्ड बनाया है। अंशु की दो बेटिया भी हैं, जोकि लगातार इस सफलता के प्रति उन्हें प्रेरित करती हैं। अपनी बेटी और पति के प्रेरणा से ही उन्होंने पांच बार एवरेस्ट पर चढऩे का रिकार्ड बनाया है। उनके पति सेरिंग वांग अरूणाचल पर्वतारोहण और साहसिक खेल संघ के अध्यक्ष हैं।

facebook/anshu jamsenpa

अब पदमश्री से नवाजा जाएगा

इस रिकार्ड के बनने के बाद सरकार ने अंशु को पदमश्री पुरस्कार से नवाजा है। उन्होंने वर्ष 2011 में पहली बार एवरेस्ट पर चढऩे का अपना सपना साकार किया था। इसके बाद वह उसी साल दूसरी बार एवरेस्ट पर पहुंच गईं। इसके बाद 2013 में एक बार और फिर 2017 में दो बार माऊंट एवरेस्ट पर चढऩे का रिकार्ड अपने नाम दर्ज किया । उनका कहना है कि जब वह पहली बार माऊंट एवरेस्ट पर पहुंची तो उन्हें ऐसा अहसास हुआ , जैसे वह भगवान के करीब जा पहुंची हैं। इस रोचक अहसास को वह आज तक भुला नहीं पाई हैं और शायद जीवन भर उसे भुला भी ना सकूं।

पीएम व राष्ट्रपित से मिले हैं विशेष पुरस्कार

2011 में 10 दिनों के भीतर ही दो बार माऊंट एवरेस्ट को फतेह करने की उपलब्धि पर अंशु को तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने उन्हें अपने निवास पर बुलाकर सम्मानित किया था। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा था कि वह आश्चर्यचकित हैं कि दो बच्चों की मां होने के बाद भी वह दो बार एवरेस्ट पर पहुंची हैंं। इसके बाद वर्ष 2012-13 में उन्हें स्वच्छ भारत अभियान की एम्बेसडर बनाया गया था। अंशु को उनकी उपलब्धियों के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें विशेष पुरस्कार से भी नवाजा है। अब पदमश्री पुरस्कार के लिए उनके नाम की घोषणा की गई है। इस सर्वोच्च पुरस्कार की घोषणा के बाद से अंशु और उनका पूरा परिवार खासा उत्साहित है।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -