Saturday, September 25, 2021
- Advertisement -

पढ़ाई में इस बच्ची का कोई मुकाबला नहीं, 13 साल में मिला बी.ए. में दाखिला, 12 की उम्र में की थी 12 वीं पास

Must Read

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...

अलग ही मिट्टी के बने तुषार, 17 साल तक असफलताओं से लड़े, अब बने जज

लोग दो या तीन साल की मेहनत के बाद सफल नहीं होते है तो वह टूट जाते है। लोग...

शहर घूमने सडक़ों पर निकला कोबरा तो रूक गया ट्रैफिक, घटना का वीडियो वायरल

वन्य जीवों के शहर में घूसने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। कभी तेंदुआ तो कभी कोई...
Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

कई बच्चे अपने माता-पिता के सपने को पूरा करना अपना कर्तव्य बना लेते हैं। आज आपको ऐसी ही एक होनहार बच्ची से मिलाने जा रहे हैं। अदभुत प्रतिभा की धनी इस बच्ची में गजब का टैलेंट है। इस उम्र में बहुत कम बच्चों में इतनी प्रतिभा देखने को मिलती है। मगर तनिष्का नाम की इस बच्ची के हुनर को देखकर हर कोई हैरान है। हालांकि उनके पिता का कोरोना से निधन हो गया था, इसके बावजूद इस बच्ची ने अपनी प्रतिभा के बल पर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। मात्र 13 साल की आयु में उसे बी.ए. में एडमिशन मिला है।

Dainik Bhaskar

असाधरण क्षमता की धनी है ये बच्ची

अपने बुद्धि कौशल के बूते ही इस तनिष्का नाम की इस बच्ची ने 11 साल की उम्र में ना केवल दसवीं पास करके अपनी क्षमता का परिचय दिया था, बल्कि 12 साल की उम्र में 12 क्लास पास कर उसने अपना नाम एशिया बुक ऑफ रिकार्डस में दर्ज करवाने में सफलता हासिल की है। छोटी सी उम्र में इतना बड़ा सम्मान पाने पर देश भर में उनका नाम सुर्खियों में रहा है।

अब मिला बी.ए. में दाखिला

इसके बाद तनिष्का को अब तक्षशिला कंपाऊंड में स्थित स्कूल ऑफ लाईफ लांग लर्निंग में स्नातक (बीए) में दाखिला मिला है। यह इस बच्ची की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तनिष्का के पिता का निधन होने के बाद वह अपने मां अनुभा के साथ रहती हैं। फिलहाल तनिष्का को बीए में एडमिशन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। कुलपति और शिक्षा विभाग की स्पेशल परमिशन के बाद ही यह प्रकिया पूरी की गई है।

आंख पर पटटी बांधकर भी पढ़ सकती है ये बच्ची

बता दें कि तनिष्का की एक और बड़ी खूबी है। वह अपनी आंख पर पटटी बांधकर पढ़ और लिख सकती है। यही वजह है कि उसे एक असाधरण व्यक्ति की धनी बच्ची कहा जा रहा है। असमान्य श्रेणी में शामिल कर ली गई तनिष्का ने अपनी शिक्षा ढाई साल की उम्र से ही शुरू कर दी थी। 8 साल की उम्र आते आते तो वह पांचवीं कक्षा की पढ़ाई कर बैठी थी। 11 साल की उम्र में तो उसने शिक्षा विभाग की स्पेशन अनुमति से 10वीं की कक्षा पास कर ली। इसके तत्काल बाद उसने प्रथम श्रेणी से 12वीं की परीक्षा को पास कर अपना लोहा मनवा लिया।

सांसद भी मानते हैं बच्ची का लोहा

स्थानीय सांसद शंकर लालवानी भी इस बच्ची की प्रतिभा का लोहा मानते हैं। यही वजह है कि वह इस प्रतिभाशाली बच्ची पढ़ाई में हर संभव सहायता करते हैं। उनकी सहायता से तनिष्का को डीएवीवी में दाखिल मिल गया है। इस बच्ची की असाधरण क्षमता ने साबित कर दिया है कि होनहार बच्चे को आगे बढऩे के अवसर अवश्य मिलते हैं। जिन्हें पहचाना जरूरी होता है। इस बच्ची ने भी अपनी क्षमता को पहचाना और अब वह आगे बढक़र कुछ बड़ा काम करना चाहती है। तनिष्का का कहना है कि वह एलएलबी की पढ़ाई करना चाहती है।

- Advertisement -

Latest News

वैलंटाईन डे मनाने का अनोखा तरीका,मालगाड़ी के नीचे पहुंच गया प्रेमी जोड़ा, फोटो देखकर आएगा मजा

वैलंटाईन डे को प्यार के दिन के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन दुनिया भर में प्रेमी जोड़े...
- Advertisement -

और भी पढ़े

- Advertisement -