Monday, September 27, 2021
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खिलौने की बदूंक ने बदल दिया अपूर्वी का जीवन, अब असली बंदूक से देश के लिए लाती है सोना

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Sanjay Kapoorhttps://citymailnews.com
Sanjay kapoor is a chief editor of citymail media group

एक ऐसी बच्ची जिसे पिता ने गिफ्ट में खिलौने की बंदूक दी, मगर तब उन्हें यह पता नहीं था कि इस बंदूक की वजह से एक दिन उनकी बेटी पूरे देश में उनका नाम रोशन करके दिखाएगी। गिफ्ट में मिली इस बंदूक ने उस बच्ची की पूरी दुनिया ही बदल दी। बंदूक के साथ बचपन में शुरू हुआ सफर अब अपने देश व प्रदेश के लिए मैडल लाने का बड़ा जरिया बन गया है।

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असली बंदूक से लगाती है शानदार निशाना

यह कहानी है कि राजस्थान के जयपुर में रहने वाली अपूर्वी चंदेला की, जिन्होंने पिता की दी गई बदूंक को अपना कैरियर बना लिया। अपूर्वी चंदेला अब खिलौनेे की नहीं, बल्कि असली बंदूक से निशाना लगाती है। इसके बदले में उन्हें मैडल मिलते हैं, जिससे वह अपने परिवार और राज्य का नाम रोशन करती है। अपूर्वी की मां बिंदू भी बास्केटबॉल की खिलाड़ी थी, उनके चचेरे भाई बहन भी खेल की दुनिया से जुड़े हुए हैं।

गोल्ड जीतकर किया है देश का नाम रोशन

दरअसल साल 2008 में जब अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में निशानेबाजी का शानदार खेल खेलते हुए जब गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन किया, तभी अपूर्वी के पिता ने भी अपने बेटी को खिलौना गन लाकर दी थी। इसके बाद से ही अपूर्वी ने भी ठान लिया कि उसे भी देश के लिए मैडल लाने हैं। इस तरह से वह दिन रात प्रेक्टिस में जुट गई। इस खेल में लगातार और दिन रात की मेहनत के बाद अपूर्वी ने साल 2012 से 2019 तक 6 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है, जिन्हें जीतकर उन्होंने अपने प्रदेश का नाम चमकाया है।

गलास्गो में जीता था गोल्ड मैडल

अपूर्वी ने गलास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेते हुए गोल्ड मैडल लाकर अपने भारत देश का झंडा लहराया है। अपूर्वी ने अथक मेहनत से यह स्थान हासिल किया है। प्रेक्टिस करने के लिए वह अपने घर से 45 किलोमीटर दूर जाया करती थी। इसे देखते हुए उनके पिता ने अपने घर में ही शूटिंग रेंज बनवा दी, जहां प्रेक्टिस कर अपूर्वी ने अपने देश के लिए गोल्ड लाने की शुरूआत की है। आने वाले दिनों में शूटिंग के खेल के जरिए अपने देश का नाम पूरी दुनिया में बुलंद करना चाहती है।

 

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